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आपका इस ब्‍लॉग पर स्‍वागत है! यह ब्‍लॉग ज्‍योतिष, वास्‍तु एवं गूढ वि़द्याओं को समर्पित है। इसमें आपकी रुचि है तो यह आपका अपना ब्‍लॉग है। ज्ञानवर्धन के साथ साथ टिप्‍पणी देना न भूलें, यही हमारे परिश्रम का प्रतिफल है। आपके विचारों एवं सुझावों का स्‍वागत है।

देवी-देवता किसकी सहायता करते हैं

>> Sunday, April 16, 2017

देवी-देवता किसकी सहायता करते हैं(devee devataa kisakee sahaayataa karate hain)
इस वीडियो में यह बताने का प्रयास किया गया है एक छोटी सी कहानी के द्वारा यह बताने का प्रयास किया गया है कि कि देवी-देवता किसकी सहायता करते हैं।

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उन्‍नति किसकी होती है

>> Wednesday, April 12, 2017

उन्‍नति किसकी होती है (Un‍nati kisakee hotee hai)
इस वीडियो में यह बताने का प्रयास किया गया है कि उन्‍नति किसकी होती है
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हम स्‍वस्‍थ कब रहेंगे

>> Saturday, April 8, 2017

इस वीडियो में यह बताने का प्रयास किया गया है कि हम क्‍या करें जिससे स्‍वस्‍थ रहें।
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लक्ष्‍य कब अपना होता है

>> Monday, April 3, 2017

लक्ष्‍य कब अपना होता है(LakSh‍y kab apanaa hotaa hai)
लक्ष्‍य प्राप्ति हेतु श्रद्धा, विश्‍वास व प्रेम के साथ-साथ कर्म आवश्‍यक है। लक्ष्‍य के प्रति श्रद्धा उसे पाने का विश्‍वास उत्‍पन्‍न करती है और यह विश्‍वास लक्ष्‍य को पाने के प्रति उपजे प्रेम को समर्पण में बदल देता है। ऐसे में निरन्‍तर कर्म करने की शक्ति उत्‍पन्‍न होती है और निरन्‍तर समर्पण भाव से किया गया श्रम बढ़ता जाता है और अन्‍तत: कर्मयोगी बनने के कारण लक्ष्‍य अपना हो जाता है।

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बसन्‍त ऋतु (Basan‍t Rtu)हिन्‍दी हाइकु

>> Thursday, March 30, 2017

बसन्‍त ऋतु (Basan‍t Rtu)हिन्‍दी हाइकु
लेखिका : डॉ. कंचन पुरी
हाइकु 5-7-5 के क्रम वाली क्षणिक कविता है और इसमें एक क्षण को उसकी सम्‍पूर्णता सहित अभिव्‍यक्‍त किया जाता है। इस वीडियो में बसन्‍त ऋतु पर हाइकु दे रहे हैं।
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1
फूलों की  हँसी
बसन्त संग खुशी
तितली संगी ।
2
बसन्त मार
काम सुनाए राग
मादक फाग ।
3
मोहे बसन्त
भौंरा बना है संत
ले मकरंद ।
4
बसन्त राजा
फूल -सभा बुलाते
सब मुस्काते ।
5
मन वासन्ती
भावनाएँ चहकी
साँसें महकी ।
6
बसन्त लाता
मंद-मंद बयार
खुशबू-भरी ।
7
बसन्त आया
हरा भरा संसार
मन में प्यार ।
8
चमन खिला
मनमोहक समा
रंग है जमा
9
बसन्त आते
काम तीर चलाए
प्रेम जगाए ।
10
खिलते फूल
देख भौंरा बौराया
है मँडराया

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विक्रम संवत् २०७४ की हार्दिक शुभकामनाएं

>> Tuesday, March 28, 2017

विक्रम संवत् २०७४ की हार्दिक शुभकामनाएं
नव विक्रम संवत् २०७४ आपके जीवन में सुख समृद्धि लाए, नए अवसर लाए, जीवन को सुख की सुगन्‍ध से महकाए। जय श्री  राम जय माता की...।

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अवसर कैसे पकड़ें

>> Saturday, March 25, 2017

अवसर कैसे पकड़ें
अवसर प्रतीक्षा करने पर नहीं आते हैं। अवसरों को पकड़ने के लिए उनका द्वार बार-बार खटखटाना पड़ता है। वे तभी पकड़ में आते हैं। अवसर एक से अधिक हो सकते हैं। यदि अवसर द्वार हैं और हम अधिक द्वारों को खटखटाएंगे। मान लीजिए हमने दस द्वार खटखटाए और उनमें से नौ द्वारों में हमें मना हो गयी। लेकिन दसवें द्वार में हां हो गयी। इसका मतलब हमने अवसर को पकड़ लिया। जब तक आप अवसर को पकड़ने के लिए बार-बार द्वार नहीं खटखटाएंगे तब तक वो आपकी पकड़ में नहीं आएंगे। अवसरों को पकड़ने के लिए उनका पीछा करना आवश्‍यक है। जो अवसरों का पीछा नहीं करते वे अवसरों को पकड़ नहीं पाते हैं।
अवसरों को पकड़ने के लिए उनका निरन्‍तर पीछा अवश्‍य करें।

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व्‍यवस्‍था कब आती है

>> Wednesday, March 22, 2017


जीवन में व्‍यवस्‍था योजना बनाकर समय पर सभी कार्य करने से आती है। व्‍यवस्‍था के बिना जीवन अस्‍त-व्‍यस्‍त हो जाता है। व्‍यवस्‍था से जीवन में सबकुछ अच्‍छा ही होता है। जीवन को उन्‍नति पथ पर ले जाने के लिए स्‍वयं को व्‍यवस्‍था में जीना होगा। जो व्‍यवस्‍था नहीं ला सकता है वो कदापि अपने लक्ष्‍य को नहीं पा सकता है और यदि पा भी लिया तो अपने लक्ष्‍य को सन्‍तोषजनक ढंग से नहीं पाता है। जीवन में अनुशासित रहने पर व्‍यवस्‍था का सूत्रपात होता है और प्रतिफल में मनोनुकूल फल प्राप्‍त होते हैं।

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मौन शक्तिशाली है!

>> Thursday, March 16, 2017

मौन में शक्ति होती है इसलिए वह शक्तिशाली है। मौन के कार्य की अपनी एक रीति है। रमन महर्षि ने कहा है। मौन नित्‍य वाणी है। वह वाणी का निरन्‍तर प्रवाह है जो बोलने से रुक जाता है। ये शब्‍द जो मैं बोल रहा हूं उस मौन वाणी का अवरोध करते हैं। जैसे धातु के तार में विद्युत का प्रवाह बहता है, उसे रोकने पर वह बल्ब के रूप में प्रकाश और पंखे के रूप में हवा प्रदान करता है। जिस प्रकार तार में विद्युत अव्यक्त शक्ति के रूप में रहती है उसी प्रकार मौन वाणी का नित्य प्रवाह है जो शब्दों से रुक जाता है। दीर्घकाल तक चलने वाले परस्पर वार्तालाप के उपरान्त भी जो बात समझ नहीं आती है वह बात मौन के एक क्षण में भी समझ आ जाती है। ज्ञानी का प्रभाव मौनावस्था में दूसरे पर अधिक पड़ता है। बोलने से उनका प्रभाव कम हो जाता है। मौन सर्वाधिक शक्तिशाली होता है। वाणी सदैव मौन से कम शक्तिशाली होती है। वस्तुत: परस्पर मानिसिक सम्पर्क श्रेष्ठ माना गया है। मौन कभी विश्राम नहीं करता है। मौन में मनुष्य समीप की परिस्थितियों से निकटतम सम्पर्क बना लेता है। जिसका मन दुर्बल होता है वे प्रबल मन वाले व्यक्ति के प्रभाव में आ जाता है। मन मौन के निरन्तर अभ्यास से प्रबल बनता है और शान्त होकर एकाग्रता को प्राप्त कर लेता है। 
नित्‍य बीस  मिनट तक मौन का अभ्‍यास करने से अनेक प्रकार के तनाव व मानसिक अशान्ति से मुक्ति मिलती है।

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मन की लगाम कसकर रखें!

>> Monday, March 13, 2017


मन की लगाम कसकर रखें वरना बाद में पछताना पढ़ता है। जिसने मन पर विजय पा ली वही भाग्‍यशाली एवं बुद्धिमान है। मन के दास न बनकर उसके स्‍वामी बनो और उसे अपने अनुसार चलाओ। ऐसा करने में ही भलाई है। मन को सदैव विवेक रूपी अंकुश से संभालकर रखना चाहिए। विवेक का अंकुश हटते ही मन आपको अपने अनुरूप भटका लेता है। मन को भटकने से बचाने के लिए ज्ञान रूपी चौकीदार की सहायता लेनी चाहिए। चौकीदार जागता है तो चोर चोरी नहीं कर पाता है। आप भी ज्ञान व विवेक के बल पर सजग रहकर मन के बहकावे में आने से बच सकते हैं। जब मन आपके काबू में होगा तो आपको अपनी पहचान होगी आैर आप जीवन में आत्‍मविश्‍लेषण के बल पर मन चाहा विकास कर पाएंगेा मन मैला हो जाए तो सबकुछ मैला हो जाता है। वैसे भी मन का मैल तन के ध्‍ाोने से साफ नहीं होता है। मन की लगाम कसकर रखेंगे तभी आप अपने मन को एक दिशा दे पाएंगे।
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होली आयी रे (Holi aayee re) रंगों के त्‍यौहार की आप सबको हार्दिक शुभकामनाएं

>> Sunday, March 12, 2017

रंगों का पर्व होली पर विशेष
आप सबको सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं। रंगों का यह त्‍यौहार आपके जीवन में अनेक खुशियां लेकर आए।

हाइकु 5-7-5 के क्रम वाली क्षणिक कविता है और इसमें एक क्षण को उसकी सम्‍पूर्णता सहित अभिव्‍यक्‍त किया जाता है। इस वीडियो में 'होली आयी रे' के विषय में कुछ हिन्‍दी हाइकु दे रहे हैं। विश्‍वास हैं अवश्‍य पसन्‍द आएंगे। पसन्‍द आने पर लाईक, कमन्‍ट, शेयर व सब्‍सक्राईब करें। धन्‍यवाद !
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